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à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ महिलाओं की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने और बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका होती है। कई महिलाओं में यह समसà¥à¤¯à¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गंà¤à¥€à¤° होकर शरीर के दूसरे अंगों को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। वैसे आधà¥à¤¨à¤¿à¤• दवाइयों और उपचार के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ ने दरà¥à¤¦ और बचà¥à¤šà¥‡ होना, दोनों समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिलाई है। यह याद रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का यह अरà¥à¤¥ नहीं है कि इससे पीड़ित महिलाà¤à¤‚ कà¤à¥€ मां नहीं बन सकती हैं, बलà¥à¤•ि यह है कि इसके कारण गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ आती है।
कà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥ˆ à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ : गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¤•ी अंदरà¥à¤¨à¥€ परत की कोशिकाओं का असामानà¥à¤¯ विकास होता है। ये समसà¥à¤¯à¤¾ तब होती है जब कोशिकाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर विकसित हो जाती हैं। इसे à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट कहते हैं। ये इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टà¥à¤¸ सामानà¥à¤¯à¤¤à¤¯à¤¾ अंडाशय, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤¸ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की बाहरी सतह पर या आंत और पेलà¥à¤µà¤¿à¤• गà¥à¤¹à¤¾ की सतह पर पाठजाते हैं। ये वेजाइना, सरविकà¥à¤¸ और बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर à¤à¥€ पाठजा सकते हैं, लेकिन पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ के दूसरे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की बजाय यहां सामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ कम पाठजाते हैं। बहà¥à¤¤ ही कम मामलों में à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टà¥à¤¸ पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ के बाहर लिवर पर, फेफड़ों या मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के आसपास à¤à¥€ हो जाता है।
इसकेकारण : à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¤®à¤¹à¤¿à¤²à¤¾à¤“ं को उनके पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ काल के दौरान पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के अधिकतर मामले 25-35 वरà¥à¤· की महिलाओं में देखे जाते हैं, लेकिन कई बार 10 साल की लड़कियों में à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। मेनोपॉज़ की आयॠपार कर चà¥à¤•ी महिलाओं में यह समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है। पूरे विशà¥à¤µà¤à¤° में करोड़ों महिलाà¤à¤‚ इससे पीड़ित हैं। जिन महिलाओं को गंà¤à¥€à¤° पेलà¥à¤µà¤¿à¤• दरà¥à¤¦ होता है उनमें से 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से पीड़ित होती हैं। इसके वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कारणों का पता नहीं है। कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में यह बात सामने आई है कि à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ लंबी, पतली महिलाओं में अधिक सामानà¥à¤¯ है, जिनका बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ (बीà¤à¤®à¤†à¤ˆ) कम होता है। बड़ी उमà¥à¤° में मां बनने वाली या कà¤à¥€ मां बनने वाली महिलाओं में à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके अलावा जिन महिलाओं में पीरियडà¥à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं या मोनोपॅज़ देर से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठहोता है, उनमें à¤à¥€ इसका खतरा बढ़ जाता है। अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारण à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
लकà¥à¤·à¤£: अधिकतरमहिलाओं में à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन जो लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं, उनमें पीरियडà¥à¤¸ के समय अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• दरà¥à¤¦, अंडोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— के समय पेलà¥à¤µà¤¿à¤• पेन, लेकिन यह सामानà¥à¤¯ महिलाओं में à¤à¥€ हो सकता है। इस दरà¥à¤¦ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ हर महीने बदल सकती है और हर महिला में यह अलग-अलग हो सकती है। पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤¦ होना और यह दरà¥à¤¦ कई दिनों तक रह सकता है। इससे कमर और पेट में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है। यह पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ होने से पहले हो सकता है और कई दिनों तक चल सकता है। शौच और यूरीन करने के समय दरà¥à¤¦ हो सकता है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ अधिकतर पीरियडà¥à¤¸ के समय अधिक होती है। पीरियडà¥à¤¸ के समय अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होना। संबंधों के दौरान या बाद में दरà¥à¤¦ होना। इसके अलावा पेट के निचले à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ होना, डायरिया और कबà¥à¤œà¥¤ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकान होना। यूरीन पास करते समय दरà¥à¤¦ होना यूरीन में रकà¥à¤¤ आना। अगर à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ फेफड़ों में है तो दà¥à¤°à¥à¤²à¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में छाती में दरà¥à¤¦ या खांसी में खून आना, अगर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में है तो सिरदरà¥à¤¦ और चकà¥à¤•र आना।
जोखिमजांच : कईकारक à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की आशंका बढ़ा देते हैं- जैसे बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देना। निकट संबंधियों, जैसे मां, मौसी, बहन को à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ होना। जिन महिलाओं को à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ है, उनमें से 35-50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं को गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। इससे फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब बंद हो जाती हैं। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ होने का पता तो नहीं चलता है, लेकिन इससे à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सिसà¥à¤Ÿ की पहचान हो जाती है। à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की जांच के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ की जाती है जिसे लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी कहते हैं। इसके बाद सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इलाज किया जाता है।
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